
ऊना। हमीरपुर मार्ग में स्थित एक मेडिकल स्टोर में ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान नशे के सामान की खेप बरामद की गई। नशे के सामान को जब्त कर लिया गया है। साथ ही 2.42 लाख रुपये भी मिले हैं। इन्हें भी कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
ड्रग इंस्पेक्टर निशांत सरीन ने स्वास्थ्य महकमे के साथ मिलकर वीरवार सुबह उक्त मेडिकल स्टोर में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयों की खेप मिली। इस दौरान पुलिस की टीम भी साथ थी। मेडिकल स्टोर का संचालक दवाइयों के कागजात, बिल आदि नहीं दिखा पाया। दवाइयों की बिक्री से एकत्रित किए गए 2.42 लाख रुपये भी टीम ने कब्जे में ले लिए हैं। स्टोर संचालक को नोटिस देने की भी तैयारी चल रही है। दवाइयों के आधा दर्जन सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। स्टोर संचालक के खिलाफ ड्रग एंड कास्मेटिक्स एक्ट 1940 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस दौरान पुलिस की एक टीम भी स्वास्थ्य महकमे की टीम के साथ मौजूद रही। स्टोर संचालक के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं। स्टोर संचालक पर छात्रों तथा अन्य लोगों को नशे का सामान बेचने के आरोप लग रहे थे। कार्रवाई के दौरान कोरेक्स की एक इस्तेमाल की गई बोतल भी बरामद हुई। कार्रवाई से अन्य स्टोर संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति रही।
ये मिलीं प्रतिबंधित दवाइयां
500 टेबलेट लोमोटिल, 1013 टेबलेट एलप्रेक्स, 60 नारजेसिक इंजेक्शन, 413 प्राक्सीवॉन कैप्सूल, 3500 कैप्सूल स्पाजमो प्राक्सीवॉन प्लस, रेक्सकॉफ की 50 बोतलें और कोरेक्स की 40 बोतलें। ये सभी प्रतिबंधित दवाइयां हैं तथा इनका इस्तेमाल नशे के लिए भी किया जाता है।
इन दवाइयाें का स्टोर संचालक रिकार्ड, बिल आदि कुछ भी पेश नहीं कर सका है। एक बैग में इन दवाइयों के साथ 2.42 लाख रुपये भी बरामद हुए। कुछ कैप्सूल ऐसे हैं जिनके रैपर से बैच नंबर हटाया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर निशांत सरीन ने कहा कि स्टोर संचालक को नोटिस भी जारी किया जा रहा है। सारी दवाइयां और राशि कब्जे में ले ली है
